
दैनिक राजस्थान समाचार संवाददाता तरनदीप सिंह। ट्रस्ट श्री गुरु सिंह सभा, बिजयनगर द्वारा सोमवार को गुरुद्वारा साहिब में धन धन श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, सेवा और भक्ति-भाव के साथ किया गया। पूरे परिसर में गुरु महाराज की बाणी, सिमरन और शांति का दिव्य वातावरण छाया रहा।
हिंद की चादर, धर्म एवं मानवता की रक्षा के प्रतीक श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत को स्मरण करते हुए संगत ने उनके अद्वितीय बलिदान—कश्मीरी पंडितों सहित समस्त मानव समाज की धार्मिक स्वतंत्रता हेतु दिए गए त्याग—को नमन किया।
सहज पाठ साहिब की सेवा से हुआ शुभारंभ
समागम की शुरुआत सहज पाठ साहिब जी की सुखमयी समाप्ति के साथ हुई। संगत ने अत्यंत अनुशासन और प्रेम से इस पवित्र सेवा में भाग लिया। इसके पश्चात सुखमणि साहिब जी का पाठ हुआ, जिससे पूरा दरबार साहिब आध्यात्मिक शांति से गुंजायमान हो उठा।
कीर्तन दरबार में बीबी हरप्रीत कौर ने निहाल किया
कीर्तन दरबार में बीबी हरप्रीत कौर ने मधुर शबद-कीर्तन प्रस्तुत किए। कथा के दौरान उन्होंने गुरु तेग बहादुर साहिब जी के त्याग, अदम्य साहस, निष्काम सेवा और मानवता के संदेश को विस्तार से वर्णित किया, जिससे संगत भाव-विभोर हो उठी।
अटूट लंगर : सभी धर्मों के लोगों ने छका प्रसाद
दीवान के समापन पर गुरु महाराज का अटूट लंगर प्रेम और समानता की भावना के साथ वितरित किया गया। सभी धर्मों और समाजों के लोगों ने एक साथ बैठकर लंगर का प्रसाद ग्रहण किया, जो सरबत दा भला के संदेश को साकार करता है।
मुख्य पदाधिकारियों और संगत की मौजूदगी
इस पावन अवसर पर प्रधान हरगोविंद सिंह टुटेजा, संरक्षक एवं पूर्व पार्षद गुरुभेज सिंह टुटेजा, कोषाध्यक्ष जगजीत सिंह टुटेजा, सचिव दिलप्रीत सिंह टुटेजा, गुरप्रीत सिंह टुटेजा, किरत सिंह टुटेजा, बलविंदर सिंह जोधा, सुरेंद्र जुनेजा, मलकीत सिंह, गगनदीप सिंह टुटेजा, पत्रकार तरनदीप सिंह टुटेजा सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। महिलाओं एवं युवाओं की भी बड़ी संख्या ने सेवा और संगत में भाग लिया।




