E-Paperटॉप न्यूज़देशराजस्थानराज्यलोकल न्यूज़

गढ़टकनेत में शनिदेव महाराज मंदिर में हुई मूर्ति स्थापना — कलश यात्रा, भजन संध्या और भण्डारे के साथ सम्पन्न हुआ दो दिवसीय धार्मिक आयोजन

दैनिक खबर राजस्थान समाचार। संवाददाता – प्रदीप कुमार शर्मा, गढटकनेत-अजीतगढ़। गढ़टकनेत ग्राम पंचायत के सुराणी मोड़ स्थित तिराहे पर बने महान्यायवादी भगवान शनिदेव महाराज के मंदिर में दो दिवसीय धार्मिक आयोजनों के पश्चात मूर्ति स्थापना एवं प्राण-प्रतिष्ठा समारोह बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ।

रविवार को विद्वान पंडितों द्वारा हवन, पूजा-पाठ और भजन संध्या का आयोजन किया गया, वहीं सोमवार को बस स्टैंड स्थित श्री भौमिया जी महाराज मंदिर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस कलश यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु महिलाएं सिर पर कलश लेकर भक्ति गीतों के साथ शामिल हुईं। कलश यात्रा के बाद शनिदेव महाराज की मूर्ति का अभिषेक कर शुभ मुहूर्त में विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई।

मंदिर पुजारी गोपीराम भार्गव ने बताया कि कई वर्षों से बगैर मूर्ति के खाली पड़े इस मंदिर में ग्रामवासियों के सहयोग से मरम्मत, चिनाई, पुताई और रंग-रोगन का कार्य पूरा किया गया। इसके बाद दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से मूर्ति स्थापना, कलश यात्रा, सत्संग एवं भण्डारे का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध भजन गायक मदननाथ योगी ने अपने साजिंदों के साथ शनिदेव महाराज के एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भक्ति भाव से झूमने पर मजबूर कर दिया।

धर्माचार्यों ने बताया कि कर्मफलदाता एवं न्याय के देवता सूर्यपुत्र शनिदेव भगवान शिव के अनन्य भक्त हैं। कठोर तपस्या के कारण उनका वर्ण श्याम हुआ और वे कर्मों के अनुसार फल देने वाले देवता कहलाए। शनिदेव मानव जीवन में न्याय, अनुशासन और संतुलन बनाए रखने वाले देवता हैं। वे कर्मों के अनुसार क्षमा भी करते हैं और दण्ड भी देते हैं।

पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और श्रद्धा का माहौल छाया रहा। मूर्ति स्थापना के उपरांत आयोजित भण्डारा पंगत-प्रसादी में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और शनिदेव महाराज से समाज में न्याय और शांति बनाए रखने की प्रार्थना की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!