
दैनिक राजस्थान समाचार प्रदीप कुमार शर्मा, गढ़टकनेत–अजीतगढ़। आसपुरा धूणी धाम में ब्रह्मलीन परम संत रामदास महाराज की तपोस्थली पर 9 नवंबर से चल रहे 108 कुण्डात्मक 9 दिवसीय श्री गोपाल महायज्ञ में शनिवार को सातवें दिन 42 लाख आहुतियाँ समर्पित की गईं। महायज्ञ के शुभ अवसर पर धाम में देशभर से संत–महात्माओं के आगमन, संत-सम्मेलन एवं विदाई का क्रम भी शनिवार से प्रारंभ हो गया है।
धाम की व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग किशनदास महाराज दिवराला, शत्रुघ्नदास महाराज मेहरौली और हरिदास महाराज आसपुरा धूणी धाम द्वारा की जा रही है। शनिवार को लगभग 1 हजार संत–महात्माओं ने संत-सम्मेलन एवं विदाई कार्यक्रम में भाग लिया, जबकि रविवार को भी इसी संख्या में संतों के आने की संभावना है।
व्यवस्थाएँ सुदृढ़, पंगत–प्रसादी हेतु 5 अतिरिक्त पांडाल
शनिवार से संत-महात्माओं, यजमानों, विप्रों एवं आमजन के पंगत-प्रसादी ग्रहण हेतु 5 अतिरिक्त पांडाल बनाए गए हैं। भीड़ प्रबंधन और सुविधा के लिए 20 पानी के टैंकर तथा 200 स्वयंसेवकों की अतिरिक्त टीम तैनात की गई है। सुरक्षा एवं व्यवस्था पर लगातार नजर रखने के लिए 20 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनसे शनिवार से सोमवार तक की गतिविधियों की निगरानी की जाएगी।
17 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त में पूर्णाहुति, 60 हजार श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
महायज्ञ की पूर्णाहुति 17 नवंबर सोमवार को दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में सम्पन्न होगी, जिसके उपरांत विशाल भण्डारे का आयोजन होगा। आयोजन समिति के अनुसार, भण्डारे में लगभग 60 हजार श्रद्धालुओं के पंगत-प्रसादी ग्रहण करने का अनुमान है।
श्रद्धालुओं, दानदाताओं, भामाशाहों और भक्तों की सुविधा के लिए धाम परिसर में 5 केश काउंटर स्थापित किए गए हैं, जिससे एक ही स्थान पर भीड़-भाड़ से बचा जा सके।




