
दैनिक राजस्थान समाचार सोहनसिंह रावणा, तखतगढ़। बलाना निवासी राजकिशन परमार को पेसिफिक विश्वविद्यालय, उदयपुर ने पीएच.डी. की उपाधि से सम्मानित किया है।
उन्होंने “बीसवीं सदी के कथाकारों की लघुकथाओं का विवेचनात्मक अध्ययन” विषय पर शोध कार्य किया है। यह शोध कार्य उन्होंने सुप्रसिद्ध लेखिका तथा प्रोफेसर डॉ. मंजु चतुर्वेदी के निर्देशन में पूरा किया।
राजकिशन परमार की अंतिम वाइवा परीक्षा देश के वरिष्ठ आलोचक और कहानीकार डॉ. हेतू भारद्वाज द्वारा ली गई। वर्तमान में वे राजकीय महाविद्यालय तखतगढ़ में अध्यापन कार्य कर रहे हैं।
परमार के अनेक शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने अपने शोध का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया।
पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त होने पर ग्राम बलाना के प्रबुद्ध नागरिकों तथा महाविद्यालय के स्टाफ ने राजकिशन परमार को शुभकामनाएँ देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की।


