
बिजयनगर संवाददाता तरनदीप सिंह
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रेन बसेरों से संबंधित निर्णय में दिए गए निर्देशों तथा माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति विजयनगर एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती मीनाक्षी नाथ द्वारा मंगलवार को विजयनगर बस स्टैंड स्थित रेन बसेरे का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण का उद्देश्य शीतकाल के दौरान रेन बसेरे में ठहरने वाले निराश्रित, असहाय एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा एवं मानवीय गरिमा से जुड़ी व्यवस्थाओं का वास्तविक एवं स्थलीय मूल्यांकन करना तथा जरूरतमंदों की पहचान कर उन्हें रेन बसेरे में दाखिल करवाना और आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध करवाना रहा।
निरीक्षण के दौरान रेन बसेरे में स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त संख्या में बिस्तर, कूलर एवं हीटर की व्यवस्था मौसम के अनुरूप संतोषजनक पाई गई। महिलाओं के लिए पृथक निवास व्यवस्था एवं अलग बाथरूम की सुविधा भी उपलब्ध पाई गई, जिससे महिलाओं की सुरक्षा, निजता एवं सम्मान सुनिश्चित हो सके। न्यायिक मजिस्ट्रेट रेन बसेरा संचालक के कार्य और मूलभूत सुविधाओं से संतुष्ट नजर आई।
अध्यक्ष महोदया द्वारा रेन बसेरे के कुछ भागों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने, पाइप फिटिंग में आवश्यक सुधार कराने तथा पर्याप्त एवं स्थायी प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को देने हेतु कहा गया। इसके अतिरिक्त महिलाओं की निजता एवं गरिमा की रक्षा के दृष्टिगत बाथरूम की दिशा में पर्दे लगाने की अनुशंसा भी की गई।
अध्यक्ष महोदया ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा रेन बसेरों को लेकर दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुरक्षित, स्वच्छ एवं मानवीय सुविधाएँ पहुँचाई जा सकें। उन्होंने निर्देशों के समयबद्ध पालन पर विशेष बल दिया।
निरीक्षण के बाद तालुका सचिव करणी प्रताप सिंह ने बताया कि अध्यक्ष महोदया द्वारा दिए गए निर्देशों का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे तथा सुधार कार्य पूर्ण होने के पश्चात पुनः निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी तथा रेन बसेरा आश्रितों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए एक विधिक साक्षरता शिविर आयोजित करवाया जाना प्रस्तावित है।




