
दैनिक राजस्थान समाचार भरतपुर। केसंस फार्मा की फर्जी कफ सिरप से सितंबर और अक्टूबर में राजस्थान में कई बच्चो की मौत हो गई। लेकिन सरकार ने मुद्दे पर कोई भी कार्यवाही करने की बजाय मामले को पूरी तरह दबाया और उल्टा दोष परिवार पर ही मांड दिया।
जनसभा में सम्राट (गाँव मलाह) और तीर्थराज (गांव लुहासा) का परिवार मौजूद था। परिवार ने बताया कि केसंस फ़ार्मा की खाँसी की दवाई dextromethorphan hydrobromide की जून 2025 की शीशी लेने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। भरतपुर के जिला अस्पताल और उसके बाद जयपुर के जेके लोन अस्पताल भी ले जाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई।
तीर्थराज के परिवार ने बताया कि डॉक्टर को बहुत पहले से अंदाज़ा हो गया था कि बच्चे की तबीयत खांसी की दवाई से बिगड़ी है, फिर भी यह बात परिवार से छिपायी गई।
यशपाल सोलंकी ने बताया कि पुलिस ने भी मामले में FIR दर्ज करने की बजाय असामयिक मौत का प्रमाण पत्र देकर इतिश्री कर ली। परिवार ने जब सीएमएचओ में ज्ञापन देने की कोशिश की, तो सीएमएचओ ने ज्ञापन लेने से ही इनकार कर दिया।
राज-सभा, परिवर्तन यह माँग करते है कि इस मामले में जल्द से जल्द FIR दर्ज कर दोषियों की गिरफ्तारी करे।
परिवर्तन की रेखा शर्मा ने कहा कि इस आंदोलन को जल्द सड़कों पर उतारा जाएगा। राज-सभा के दलबीर सिंह ने कहा कि अगर सरकार ने मामले में जल्द कार्यवाही नहीं की तो कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। परिवर्तन के शशि मीणा ने कहा कि इस मामले में सरकार की संवेदनहीनता शर्मनाक है और वो यह बताती है कि केसंस फ़ार्मा को बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है। राज-सभा से पुष्पेंद्र ने कहा कि ऐसे भरतपुर में और भी मामले है, जिन्हे सरकार ने दबा दिया। अब उन सभी परिवारों को एकत्रित किया जाएगा। जनसभा में हाई कोर्ट एडवोकेट दिव्यांश शर्मा एवं युवराज भी मौजूद थे। उन्होंने परिवारों की पूर्ण रूप से कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही।
जनसभा में यह सदस्य सोमेन्द्र, अनामिका,आशुतोष रांका, दीपक बालियान, यशपाल सोलंकी, धीरेश, विशाल, अमन, आर्यन, सूरज, आदित्य, इंद्रजीत मौजूद रहे।



