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अलवर कलेक्टर छोटा, बड़ी है माचाड़ी ग्राम पंचायत

माचाड़ी ग्राम पंचायत में साफ सफाई नहीं होने के कारण संक्रमक बीमारी फैलने का भय बना हुआ है। माचाड़ी रात्रि चौपाल में जिला कलेक्टर अलवर के द्वारा सख्त निर्देश दिए जाने के बावजूद भी सफाई पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, पंचायत वीडियो द्वारा

दैनिक राजस्थान समाचार नागपाल शर्मा माचाड़ी (अलवर):- प्राचीन काल में अलवर जिले की राजधानी रहे माचाड़ी कस्बे में विगत पांच वर्षों से साफ सफाई नहीं होने के कारण जगह-जगह गंदगीयों के ढेर लगे हुऎ हैं और यदि कोई कभी कभार होती भी है तो सिर्फ और सिर्फ नाम मात्र की ही होती है। लोग बाग अपने घरों के समीप साफ सफाई करा देते हैं उसे पंचायत अपने कागजो में दिखा देती है। कस्बे में भाजपा के मंडल महामंत्री रतन तिवाड़ी, ग्रामीण रघुवीर सैनी सहित अनेको ग्रामीणों ने बताया कि नालों में विगत पांच वर्षों से साफ सफाई नहीं होने से नालों में भरी गंदगी से जगह जगह गंदगी के ढेर लगे होने के कारण मच्छर पैदा हो रहे हैं। जिसके कारण अनेक बीमारियां फैलने का भय बना हुआ है। और बहुत से लोग बीमार हो चूके हैं। ग्रामीणों ने रात्रि चौपाल में भी जिला कलेक्टर से इस बारे में शिकायत की तो जिला कलेक्टर ने तुरंत प्रभाव से सफाई कराने के लिए सख्त निर्देश दिये। और साफ सफाई के बारे में बात कर पूरे कस्बे को ही स्वच्छ रखने की बात कहीं।
जिला कलेक्टर के कहने के बावजूद भी कस्बे में आज तक ठीक से साफ सफाई नहीं हो पाई और जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुऎ है। तथा नाले गंदगी से भरे हुए हैं। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में तुरंत सफाई करवाए जाने की प्रशासन से मांग की है। ग्रामीणओं ने बताया कि उच्च अधिकारियों से लेकर ग्राम पंचायत तक के कर्मचारी व अधिकारी सहित सरकार द्वारा चुने नुमाइंदे मिल बैठकर माल को हजम कर जाते हैं। और सफाई तक नहीं करवाते। सफाई के नाम मोटा पैसा सरकार से आता है वह जाता कहाँ है?
*इस तरह से फर्जी कार्य किया जाता है*
मोबाइल से किसी के घर के सामने सफाई देखकर उस जगह की फोटो वीडियो बनाकर कागजों की पूर्ति कर कार्यालय में भिजवा कर बजट उठा लिया जाता है और मिल बैठकर खा लिया जाता है। इसी तरह नरेगा में भी फर्जी मस्टरोल का कार्य होता है। मस्टरोल में चारों दिशाओं से फोटो वीडियो अलग-अलग तरीके से बनाकर कई कई दिनों की फर्जी हाजरी से पेमेंट उठाकर सरकार को चूना लगाया जा रहा है। इसी तरह रामू के घर से कालू के घर तक तथा उसी जगह को जहां काम हो चुका उसे दोबारा सोनू के घर से मोनू के घर तक बताकर फर्जी तरीके से निर्माण कार्य का सरकार को चूना लगाकर पेमेंट उठा लिया जाता है। और मिल बैठकर खा लिया जाता है।अगर डबल इंजन की सरकार ईमानदारी से जांच करवाएं तो पूरी तहसीलों में बहुत बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है। लोगों ने बताया कि अगर सरकार ईमानदार होगी तो जरूर कार्यवाही करेगी और ईमानदारी से कार्य होगा नहीं तो समझना कानून की आंखों पर ईमानदारी के नाम की पट्टी बंधी हुई है। इसलिए लोग कहते हैं कानून अंधा है। माचाड़ी वीडियो को कारण बताओं नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा उसके बावजूद भी ग्राम पंचायत पर कोई फर्क नहीं पड़ा जिसकी वजह से कस्बे में गंदगी का जगह-जगह ढेर लगा हुआ है।आज अगर देखा जाए तो माचाड़ी कस्बे के यूनानी अस्पताल के आस-पास गंदगी का इतना ढेर लगा हुआ है। जिससे मरीजो को आने जाने में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मरीज गंदगी और बदबू की वजह से अपना इलाज कराने के लिए अस्पताल आने में कतराते है और मजबूर होकर झोला छाप दुकानों पर अपना इलाज कराते रहते हैं। जिसके कारण गरीबों को मोटी रकम खर्च करनी पड़ जाती है। एक तरफ तो सरकार स्वच्छता पर नाना प्रकार के प्रचार प्रसार व भाषण देते हैं दूसरी तरफ धरातल पर गंदगी देखने को मिलती है।

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