
दैनिक राजस्थान समाचार नागपाल शर्मा
(माचाड़ीअलवर):- नारायणपुर- नारायणपुर उपखण्ड के प्राचीन अरावली पर्वतमाला की तलहटी में बसा खेड़ापति बाबा पीर संज्यानाथजी महाराज की तपोस्थली धामेड़ा धाम गौशाला में सोमवार को राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के जन्मदिन व सरकार के ०2 वर्ष के कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में बाबा पीर संज्यानाथजी गौशाला समिति, पशुपालन विभाग नारायणपुर व कोलाहेडा़, श्री कृष्णा शिक्षा एवं ग्रामीण विकास समिति द्वारा गौ-पूजन, स्वच्छता शिविर व पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकीय प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी व नोडल प्रभारी डॉ. रमेश चंद्र वर्मा, कोलाहेडा़ पशु चिकित्सालय के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. कमलेश कुमार सैनी, विशिष्ट अतिथि पशु प्रसार अधिकारी टीकम चंद सैनी, भाजपा मंडल अध्यक्ष संदीप सैनी, सचिव सुनील कुमार शर्मा, संगठन मंत्री महेश चन्द सैनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पिंकी मीना, यादव समाज अध्यक्ष अर्जुन लाल यादव, अध्यक्षता महंत पीर विवेकनाथ महाराज तथा मंच संचालन गौशाला कोषाध्यक्ष महेश कुमार सैनी ने किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में महंत पीर विवेकनाथ महाराज के सानिध्य में पंडित सुनील कुमार शर्मा के द्वारा विधि विधान से मंत्रौच्चारण कर गौ माता की पूजा अर्चना की गई। गायों को हरा चारा और गुड़ खिलाकर गौ सेवा में भाग लिया। इस दौरान गौशाला परिसर, पानी के कुंडों की साफ सफाई कर चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। डॉ. रमेश चन्द वर्मा ने बताया कि सभी आमजन को गौ सेवा के प्रति जागरुक होकर हर घर गाय का पालन पोषण करें एवं सर्दी के बचाव के लिए दिशा निर्देश दिए। वही एक पेड़ मां के नाम अभियान से प्रेरित होकर पर्यावरण बचाओ पेड़ पौधे लगाओ महा अभियान द्वारा ट्री गार्ड सहित गूलर का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। महंत पीर विवेकनाथ महाराज ने कहा कि वालक्षेत्र की यह गौशाला है और इसमें सभी बढ़ चढ़कर अपना सहयोग करें गौसेवा सबसे बड़ी सेवा है जिसमें सभी देवी देवताओं का वास होता है इसलिए गौ माता की पूजा उपासना के साथ-साथ उनके प्रति लगाव रखकर निरंतर सेवा कार्य करें। इस मौके पर निदेशक मोनू शर्मा, पशुधन निरीक्षक धर्मपाल यादव, सत्यनारायण यादव, राजेंद्र यादव, पूरण सैनी, सपना सैनी, पशु परिचर क्षमा चौहान, कविता यादव, शीशराम गुर्जर, हरसाराम गुर्जर, लेखराज दौराता, पूरणमल लोधी, लेखराज सैनी, धूडाराम, फूलचंद सराधना, सत्यनारायण यादव, मदन कोली, मल्ली लोधी, पुरखा बाई सहित ग्रामीण मौजूद थे।




