दैनिक राजस्थान समाचार नागपाल शर्मा माचाड़ी
(अलवर):-जयपुर- राजधानी जयपुर में गाड़ियों पर PRESS, MEDIA और अन्य विभागों के स्टिकर का अनियमित उपयोग लगातार बढ़ता जा रहा है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों पर बिना अधिकार प्रेस स्टिकर लगाकर अवैध रूप से विशेषाधिकार लेने की प्रवृत्ति पर अब आमजन ने कड़ा विरोध जताया है।
शहरवासियों का कहना है कि कई वाहन चालक प्रेस के नाम पर ट्रैफिक नियमों से बचने की कोशिश करते हैं, जिससे असली पत्रकारों की छवि भी खराब होती है।
मांग उठी है कि जयपुर पुलिस और पुलिस कमिश्नरेट एक विशेष अभियान चलाए, जिसमें यह जांच की जाए कि–
*कौन वास्तव में पत्रकार है*? और
*किसे वैध प्रेस पहचान पत्र जारी हुआ है*?
कौन लोग बिना अनुमति सिर्फ स्टिकर के सहारे विशेष सुविधा लेने का प्रयास कर रहे हैं?
नागरिकों ने यह भी कहा कि गाड़ियों पर अन्य विभागों— कोर्ट, आर्मी, ऑन ड्यूटी, गवर्नमेंट, एडमिन जैसे स्टिकरों का भी दुरुपयोग आम है, जिस पर सख्त कार्यवाही जरूरी है।
लोकप्रिय राय है कि राजस्थान पुलिस को शहरभर में विशेष चेकिंग अभियान चलाकर ऐसे स्टिकरों का सत्यापन करना चाहिए, ताकि फर्जी पहचान का उपयोग रोक सके और असली पत्रकारों की प्रतिष्ठा बनी रहे।



