जयपुर- राजस्थान हाईकोर्ट की जस्टिस रेखा बोराणा ने बड़ा फैसला देते हुए भीलवाड़ा के सत्यनारायण शर्मा समेत 11 कर्मचारियों को राहत दी है। कोर्ट ने कहा कि जिन्होंने लगभग 40 साल लगातार सेवा दी है। उन्हें अस्थायी बताकर नियमितीकरण से नहीं रोका जा सकता। आदेश के अनुसार सभी को शुरुआती नियुक्ति तिथि से नियमित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी माना जाएगा और पेंशन व रिटायरमेंट लाभ मिलेंगे हालांकि एरियर नहीं दिया जाएगा। सत्यनारायण को 1981 में गेटकीपर और 1992 में चुंगी नाका रक्षक बनाया गया था, लेकिन चुंगी बंद होने के बाद भी इन्हें नियमित नहीं किया गया था। सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया को गैर-नियमित बताकर विरोध किया पर कोर्ट ने साफ कहा कि इतनी लंबी सेवा को अस्थायी नहीं माना जा सकता।
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