E-Paperटॉप न्यूज़देशराजस्थानराज्यलोकल न्यूज़

जगन्नाथ जी मन्दिर में महाआरती के साथ होगा मत्स्य उत्सव का आगाज, ०4 दिवसीय मत्स्य उत्सव में 26 नवम्बर तक आयोजित होंगे भव्य कार्यक्रम

जिला प्रशासन ने की है आमजन से अधिकाधिक सहभागिता की अपील

दैनिक राजस्थान समाचार नागपाल शर्मा अलवर। अलवर जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 23 से 26 नवम्बर तक आयोजित होने वाला मत्स्य उत्सव इस वर्ष लोक व सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहेगा। चार दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में प्रतिदिन शाम के समय दर्शकों के लिए विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया है, जिनमें देश और प्रदेश की विविध लोक व शास्त्राीय परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।
जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने जिले वासियों को मत्स्य उत्सव की शुभकामनाएं देते हुए जिला प्रशासन की ओर से सभी नागरिकों से अपील की है कि यह चार दिवसीय मत्स्य उत्सव प्रत्येक अलवर के नागरिक का उत्सव है। इसके प्रत्येक इवेन्ट में अपनी सहभागिता निभाये साथ ही उन्होंने आग्रह किया है कि अलवर शहर स्वच्छ, सुन्दर व ग्रीन शहर बनाने में अपनी सक्रीय भागिदारी निभाये। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कराये जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) में अपने गणना प्रपत्र अंतिम तिथि ०4 दिसम्बर का इन्तजार किये बिना यथा शीघ्र ऑनलाइन या ऑफलाइन अपने बीएलओ के माध्यम से अवश्य भरे।
*ये होंगे भव्य आयोजन*
पर्यटन विभाग की उप निदेशक श्रीमती टीना यादव ने बताया कि 23 नवम्बर को मत्स्य उत्सव का विधिवत आगाज प्रातः 5.30 बजे जगन्नाथ जी महाराज मन्दिर में महाआरती के साथ होगा। प्रातः 7.30 बजे नेहरू गार्डन से नगर वन तक साईकिल रैली का आयोजन होगा। इसके पश्चात शाम को ०7 बजे से पुरजन विहार (कम्पनी बाग) में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा जिसमें प्रसिद्ध कथक कलाकार समूह, जिनका नेतृत्व संगीता सिंघल करेंगी, कथक-सूफ़ी संगीत की अपनी मनमोहक प्रस्तुति देंगे।
इसी कडी में दूसरे दिन 24 नवंबर को प्रातः 10 बजे से राजा भर्तृहरि पैनोरमा परिसर में मेंहदी, रंगोली व पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन होगा तथा यहीं दोपहर 12.00 बजे से श्री भर्तृहरि नाटक का आयोजन होगा एवं सांय 7.00 बजे से पुरजन विहार (कम्पनी बाग) में लोकरंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत कलाकारों के द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएगी जिसमें महाराष्ट्र की ऊर्जा से भरपूर लावनी नृत्य, गुजरात की परंपरागत लोक प्रस्तुतियां तथा मणिपुर का आकर्षक व अद्वितीय ढोल चोलम नृत्य दर्शकों को एक अलग ही सांस्कृतिक अनुभूति प्रदान करेगा। इसके साथ ही बीकानेर की प्रसिद्ध चरी नृत्य प्रस्तुति भी मत्स्य उत्सव का प्रमुख आकर्षण होगी।
25 नवंबर को प्रातः 7.00 बजे से पुरजन विहार (कम्पनी बाग) में योगा एवं मेडिटेशन का आयोजन होगा, दोपहर 2.00 बजे से सागर पर हैण्डीक्राफट एवं फूड मेला का आयोजन होगा तथा सांय 4.00 बजे से होप सर्कस से सागर तक सांस्कृतिक रंगों से सराबोर शोभा यात्रा निकाली जाएगी तथा सांय 7.30 बजे से मूसी महारानी की छतरी पर राजस्थानी लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएगी जिसमें विशेष झलक पद्मश्री गुलाबो द्वारा प्रस्तुत कालबेलिया नृत्य, जो मत्स्य उत्सव की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय मंच पर और भी भव्यता प्रदान करेगा। साथ ही अतुल्य अलवर के इस महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को भी मंच दिया जाएगा, ताकि वे अपनी कला को बड़े स्तर पर प्रस्तुत कर सकें।
इसी प्रकार समापन दिवस 26 नवम्बर को प्रातः 11.00 बजे से पुरजन विहार (कम्पनी बाग) में फोटोग्राफी प्रदर्शनी का आयोजन होगा तथा सांय 5.30 बजे से लाल डिग्गी पर अतुल्य अलवर इवेन्ट का आयोजन होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!