
संवाददाता संजीव पाराशर अरांई आकोड़िया (अजमेर)।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्राम पंचायत आकोड़िया में बुधवार को ग्रामीण समस्या समाधान शिविर–2025 का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन उपखंड अधिकारी एवं उपजिला मजिस्ट्रेट, अराई (अजमेर) के निर्देशन में किया गया। शिविर में कृषि, राजस्व, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, पशुपालन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों ने भाग लेकर आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान एवं पशुपालक उपस्थित रहे।शिविर के दौरान कृषि विभाग द्वारा किसानों को तिलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार की NMEO (ऑयल सीड्स) योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को एक हेक्टेयर क्षेत्र के लिए राजकीय अनुदान पर निःशुल्क सरसों के बीज उपलब्ध कराए गए। इस दौरान किसानों से आवेदन प्राप्त कर बीज वितरण की प्रक्रिया पूरी की गई तथा उन्नत कृषि तकनीकों एवं फसल उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी भी दी गई।राजस्व विभाग की ओर से नामांतरण, जाति प्रमाण पत्र, पारिवारिक सदस्यता, भूमि से जुड़े प्रकरणों सहित अन्य राजस्व मामलों की सुनवाई की गई। शिविर में कई वर्षों से लंबित प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर संबंधित दस्तावेज़ लाभार्थियों को सौंपे गए, जिससे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली और उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर से मुक्ति मिली।ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के तत्वावधान में आयोजित शिविर में आवासीय भूमि संबंधी मामलों का विशेष रूप से निस्तारण किया गया। वर्षों से लंबित आवेदनों की जांच उपरांत पात्र ग्रामीणों को भू-खण्डों के पट्टे मौके पर ही जारी किए गए। जानकारी के अनुसार बसराम पुत्र कानाराम द्वारा ग्राम पंचायत आकोड़िया में अपने भू-खण्ड का पट्टा बनाने हेतु आवेदन किया गया था, जिसे जांच उपरांत स्वीकृत करते हुए पट्टा प्रदान किया गया। इसी प्रकार विश्राम वैष्णव पुत्र छोटू वैष्णव को भी भू-खण्ड का पट्टा जारी किया गया। पट्टा मिलने से लाभार्थियों एवं उनके परिवारों को स्थायी आवास का अधिकार प्राप्त हुआ, जिससे उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।वहीं पशुपालन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री निःशुल्क पशुधन बीमा योजना के अंतर्गत चयनित पशुपालकों को बीमा कवरेज प्रदान किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना से पशुधन हानि की स्थिति में पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य से संबंधित सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।शिविर में उपखंड अधिकारी नीतू मीणा, तहसीलदार प्रेमसूख वैष्णव, विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत प्रशासक मीरा देवी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि आमजन को समय पर राहत मिले और उन्हें बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।शिविर में उपस्थित ग्रामीणों ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसे जनहित में एक प्रभावी एवं उपयोगी पहल बताया।




