
आसींद संवाददाता विजयपाल सिंह राठौड़ (भीलवाड़ा)
आसींद। कस्बे के बीचों-बीच गुजर रहे नेशनल हाईवे 158 का निर्माण कार्य कछुआ चाल और प्रशासन की अनदेखी के कारण अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है। सोमवार को आसींद में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब आक्रोशित ग्रामीणों ने अपनी मांग को पुरजोर तरीके से उठाने के लिए खून से लिखा ज्ञापन उपखंड अधिकारी को सौंपा।
मकान तोड़े पर सड़क बनाना भूले अधिकारी
यूथ कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष दिनेश गुर्जर के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थानीय निवासियों का दर्द छलक पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि:
करीब 3 माह पूर्व NHAI ने 700 मीटर लंबे हाईवे पैच के लिए सड़क सीमा में आने वाले मकानों को बुलडोजर से ढहा दिया था।
मकान टूटने के बाद आज तक सड़क का निर्माण शुरू नहीं किया गया।
बेघर हुए कई परिवार कड़ाके की ठंड और खुले आसमान के नीचे तंबू लगाकर रहने को मजबूर हैं।
हादसों का हाईवे बना NH-158
प्रदर्शनकारियों ने NHAI पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आधा-अधूरा निर्माण क्षेत्र अब ‘डेथ जोन’ में तब्दील हो चुका है। यहां आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमानुसार निर्माण कार्य पूर्ण होने तक यातायात सुचारू रखना और मरम्मत की जिम्मेदारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी की है, लेकिन विभाग पूरी तरह आंखें मूंदे बैठा है।
”प्रशासन ने केवल बुलडोजर चलाना सीखा है, सड़क बनाना नहीं। क्या सरकार किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रही है? अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो यह आंदोलन और उग्र होगा।”
— दिनेश गुर्जर, विधानसभा अध्यक्ष (यूथ कांग्रेस)
चेतावनी: जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो होगा उग्र आंदोलन
खून से लिखे ज्ञापन के जरिए ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर प्रभावित परिवारों को राहत नहीं दी गई, तो कस्बेवासी चक्का जाम और उग्र प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और युवा उपस्थित रहे।




