
आसपुरा धूणी धाम में 108 कुण्डात्मक श्री गोपाल महायज्ञ का विधिवत समापन, यज्ञ धर्मध्वज का विसर्जन
दैनिक राजस्थान समाचार प्रदीप कुमार शर्मा, गढ़टकनेत-अजीतगढ़। आसपुरा धूणी धाम में 9 नवंबर से 17 नवंबर तक चल रहे 108 कुण्डात्मक 9 दिवसीय श्री गोपाल महायज्ञ का मंगलवार को विधिवत समापन हुआ। महायज्ञ के निर्विघ्न सम्पन्न होने के बाद यज्ञस्थल पर सवा 12 बजे 25 अगस्त को स्थापित किए गए “यज्ञ धर्मध्वज” का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विसर्जन किया गया।
धूणी धाम के अधिकारी महंत हरिदास महाराज ने बताया कि महंत गोपालदास महाराज ने पंडित ग्यारसीलाल शर्मा द्वारा करवाए गए विधि-विधान के अंतर्गत धर्मध्वज का पूजन कर विसर्जन करवाया। इस अवसर पर दयालदास महाराज, भगवानदास, उमराव सिंह आसपुरा, प्रताप सिंह दिवराला, मातादीन अग्रवाल श्रीमाधोपुर सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
महंत गोपालदास महाराज ने महायज्ञ में सेवा देने वाले स्वयंसेवकों की सराहना करते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं के सहयोग और गौलोकवासी ब्रह्मलीन परम संत रामदास महाराज के आशीर्वाद से आसपुरा धूणी धाम का पहला श्री गोपाल महायज्ञ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। साथ ही मीडिया कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
यज्ञाचार्य चिरंजीव शास्त्री विमलपुरा एवं उपाचार्य राजकुमार शास्त्री को दक्षिणा भेंट कर विधिवत विदा किया गया। मुख्य यजमान दंपति बाबूलाल सैनी को डीजे की भक्तिमय धुनों के साथ सम्मानपूर्वक विदा किया गया।
महंत हरिदास महाराज ने बताया कि शीघ्र ही महायज्ञ का आय-व्यय प्रतिवेदन जारी किया जाएगा तथा सेवा देने वाले सभी कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाएगा।
नौ दिनों तक हजारों श्रद्धालुओं, भक्तों, संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, मीडियाकर्मियों तथा दानदाताओं की भीड़भाड़ से गूंजने वाला आसपुरा धूणी धाम अब पुनः अपने शांत वातावरण में लौट आया है। महंत गोपालदास महाराज धूणी माता पर आने वाले श्रद्धालुओं को चिट्टक, मखाना और भभूत प्रसाद के रूप में वितरित करते दिखाई दिए।



