
दैनिक राजस्थान समाचार तरनदीप सिंह। श्री प्राज्ञ महाविद्यालय, बिजयनगर के छात्र परिषद के तत्वावधान में 45 छात्रों ने 21 नवम्बर को रणथंभौर का शैक्षिक टूर किया। यह ‘रणथंभौर विस्टा’ प्रोजेक्ट छात्रों के लिए रोमांचक होने के साथ-साथ अत्यंत ज्ञानवर्धक और अनुभवी सिद्ध हुआ।
टूर के दौरान छात्रों ने जहाजपुर के प्रसिद्ध जैन मंदिर, यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल रणथंभौर किला, शनि मंदिर एवं टाइगर सफारी सहित कई ऐतिहासिक व प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण किया। इन स्थलों ने छात्रों को इतिहास, संस्कृति और प्रकृति के वास्तविक स्वरूप से रूबरू करवाया।
रणथंभौर किले की अद्वितीय वास्तुकला, विशाल दीवारें, प्राचीन संरचनाएँ और बुर्ज छात्रों के लिए आकर्षण का केंद्र रहीं। यहाँ उन्हें राजस्थान के गौरवशाली इतिहास और राजसी स्थापत्य का प्रत्यक्ष अनुभव मिला। वहीं वन्यजीव अभयारण्य में आयोजित टाइगर सफारी उनके टूर का सबसे रोमांचक भाग साबित हुआ, जहाँ छात्रों ने बाघ, हिरण और विभिन्न वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक वातावरण में देखा। यह अनुभव उनके लिए अविस्मरणीय रहा।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. दुर्गा कंवर मेवाड़ा ने बताया कि यह शैक्षिक टूर छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण रहा। “इस यात्रा ने छात्रों को न सिर्फ नया ज्ञान दिया बल्कि उन्हें जीवन के मूल्यवान अनुभवों से भी समृद्ध किया। प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों से जुड़ना शिक्षा का अहम हिस्सा है,” उन्होंने कहा।
इस टूर का सफल आयोजन अक्षत लोढ़ा (सचिव) एवं मयंक रांका (पूर्व छात्र संघ सचिव) के कुशल नेतृत्व में किया गया।




