
आसींद संवाददाता विजयपाल सिंह राठौड़
भीलवाड़ा | पंचायत शिक्षक विद्यालय सहायक संघ की आज (23 दिसम्बर 2025) व्हाट्सएप के माध्यम से आयोजित वर्चुअल बैठक हंगामेदार रही। संगठन में जिलाध्यक्ष के मनोनयन को लेकर उपजे विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है।
*क्या है पूरा मामला?*
बैठक के दौरान प्रवीण जसराजपुर द्वारा सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की गई, जिसमें महावीर प्रसाद स्वर्णकार को भीलवाड़ा का नया जिलाध्यक्ष घोषित किया गया। इस घोषणा के सामने आते ही जिले की वर्तमान कार्यकारिणी और ब्लॉक अध्यक्षों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
कार्यकारिणी ने बताया ‘असंवैधानिक’
जिले के ब्लॉक अध्यक्षों और कार्यकारिणी सदस्यों का आरोप है कि यह मनोनयन पूरी तरह से असंवैधानिक है। उनका तर्क है कि:
मनोनयन से पूर्व किसी भी ब्लॉक अध्यक्ष से कोई राय-मशविरा नहीं किया गया।
जिला कार्यकारिणी को इस निर्णय के बारे में अंधेरे में रखा गया।
बिना लोकतांत्रिक प्रक्रिया और बिना सहमति के पद थोपना संगठन के नियमों के विरुद्ध है।
अरविन्द सिंह राठौड़ के पक्ष में भारी समर्थन
वर्चुअल संवाद के दौरान जब व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सभी पदाधिकारियों और सदस्यों की राय ली गई, तो बहुमत अरविन्द सिंह राठौड़ के पक्ष में नजर आया। अधिकतर सदस्यों ने संगठन की मजबूती के लिए राठौड़ के नाम पर ही अपनी सहमति जताई और उन्हें ही जिलाध्यक्ष के रूप में स्वीकार करने की बात कही।
*संगठन में बढ़ी रार*
फिलहाल, प्रवीण जसराजपुर द्वारा किए गए मनोनयन को कार्यकारिणी ने सिरे से खारिज कर दिया है। सदस्यों का कहना है कि संगठन में तानाशाही नहीं चलेगी और लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए प्रतिनिधि ही पद पर बने रहेंगे। इस विवाद के बाद अब संगठन के प्रदेश नेतृत्व के हस्तक्षेप की उम्मीद जताई जा रही है।




