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आसींद: पटवारियों व कानूनगो ने खोला मोर्चा, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की चेतावनी

दैनिक राजस्थान समाचार संवाददाता विजयपाल सिंह राठौड़ आसींद (भीलवाड़ा)। राजस्थान पटवार-कानूनगो संघ उपशाखा आसींद व बनेड़ा ने सोमवार को जिला कलेक्टर के नाम उपखण्ड अधिकारी परमजीत सिंह को ज्ञापन सौंपकर निलंबित पटवारियों और भू-अभिलेख निरीक्षकों (कानूनगो) की तत्काल बहाली की मांग की है. संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 22 दिसंबर तक बहाली नहीं हुई, तो मंगलवार से जिले भर के राजस्व कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे.
​निलंबन को बताया अनुचित और वादाखिलाफी
​ज्ञापन में बताया गया कि गत 27 नवंबर 2025 को भी संघ द्वारा ज्ञापन देकर ग्राम नारायणपुरा (आसींद) और ग्राम बामणिया (बनेड़ा) में विलायती/अंग्रेजी बबूल काटने के मामले में निर्दोष पटवारियों के विरुद्ध कार्रवाई न करने का आग्रह किया गया था. उस समय प्रशासन ने मौखिक आश्वासन दिया था कि कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी. इसके बावजूद, पटवारी हल्का दुल्हेपुरा, बामणिया और भू-अभिलेख निरीक्षक मोड का निम्बाहेड़ा व सरदारनगर को निलंबित कर उनके विरुद्ध सीसीए रूल्स 16 के तहत जांच प्रस्तावित कर दी गई, जिसे संघ ने सरासर गलत और नियमों के विरुद्ध बताया है.
​राजस्व विभाग का तर्क: ‘हमारी जिम्मेदारी नहीं’
​संघ ने ज्ञापन में महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु उठाते हुए कहा कि:
​जिस भूमि पर बबूल काटने का आरोप है, वह बिलानाम (सरकारी) न होकर चरागाह और वन विभाग की भूमि है.
​नियमों के अनुसार, वन विभाग की भूमि का रख-रखाव स्वयं वन विभाग करता है और चरागाह भूमि का प्रबंधन ग्राम पंचायत द्वारा किया जाता है.
​राजस्व विभाग के पास चरागाह भूमि के रख-रखाव का कोई अधिकार नहीं है, ऐसे में राजस्व कर्मियों को दोषी मानकर निलंबित करना न्यायसंगत नहीं है.
​आज काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
​विरोध स्वरूप आज 22 दिसंबर को जिले के सभी पटवारियों और भू-अभिलेख निरीक्षकों ने काली पट्टी बांधकर राजकीय कार्य किया. संघ का कहना है कि निलंबन से न केवल कर्मचारियों का मनोबल गिरा है, बल्कि उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंची है.
​कल से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का अल्टीमेटम
​राजस्थान पटवार-कानूनगो संघ ने प्रशासन को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि आज ही सभी निलंबित कार्मिकों को बहाल कर विभागीय जांच निरस्त नहीं की गई, तो 23 दिसंबर 2025 से जिले के समस्त राजस्व कर्मी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार कर जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे. इसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी.
​ज्ञापन सौंपने के दौरान राजस्थान पटवार संघ और कानूनगो संघ के अध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में राजस्व कर्मचारी उपस्थित रहे.

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