E-Paperटॉप न्यूज़देशराजनीतिराजस्थानराज्यलोकल न्यूज़

ब्लू पॉटरी के जनक पद्मश्री कृपाल सिंह शेखावत को उनके जन्मदिवस पर उनके परिवारजनों द्वारा याद किया गया

दैनिक राजस्थान समाचार न्यूज संवाददाता प्रदीप कुमार शर्मा गढटकनेत -अजीतगढ़।कांग्रेस पीसीसी पूर्व सचिव बालेंदू सिंह शेखावत ने अपने उद्बोधन में कहा कि दादोसा पद्मश्री कृपाल सिंह शेखावत ने देश-दुनिया में उनके परिवार का नाम रोशन किया ।पूरे परिवार को उन पर नाज है कि उनकी कलाकृति संविधान के पहले पन्ने पर छपी हुई है ।ब्लू पॉटरी के जनक और महान चित्रकार कृपाल सिंह शेखावत को उनके जन्मदिवस पर पूरा परिवार नमन करता है। कृपाल सिंह शेखावत जिन्हें ब्लू पॉटरी के जनक के रुप में जाना जाता है,का जन्म 19दिसम्बर 1922को श्रीमाधोपुर के मऊ गांव में एक राजपूत परिवार में हुआ था।पद्मश्री कृपाल सिंह शेखावत का भारत के मूल संविधान के कला कार्य में विशेष योगदान रहा है।मूल संविधान के भाग 1(संघ और उसके राज्यक्षेत्र) के पहले पन्ने के कलात्मक स्वरुप को उन्होंने अपनी कलम से निखारा था। पहले पेज की कलाकृति में बांयी तरफ कृपाल सिंह शेखावत के हस्ताक्षर उनकी कृति के गवाह हैं।कृपाल सिंह शेखावत ने संविधान की मूल कृति के प्रथम पृष्ठ सहित चार पेजों को अपनी अनूठी चित्रकारी कला से सहेजने एवं संवारने का काम किया था। कृपाल सिंह शेखावत ने मूल संविधान के भाग -1,भाग-8,भाग- 10 व भाग-15के कलात्मक स्वरुप को अपनी कलम से निखारा जा।ब्लू पॉटरी को जयपुर की पारम्परिक शिल्पकला के रुप में मान्यता प्राप्त है, लेकिन यह मूल रुप से है तुर्की -फारसी कला।ब्लू पॉटरी नाम पॉटरी( मिट्टी के बर्तन) पर नीले रंग की डाईं का उपयोग करने के कारण पड़ा।1950के करीब यह कला जयपुर से लुत्फ होने के कगार पर थी तब कृपाल सिंह शेखावत के अथक प्रयासों ने इसे पुनर्जीवित कर दिखाया।ब्लू पॉटरी का उपयोग ज्यादातर मिट्टी से बने जार,बर्तन,चाय-सेट,कप,गिलास,कटोरे आदि वस्तुओं पर किया जाता है।19दिसम्बर 1922को श्रीमाधोपुर के एक छोटे से गांव मऊ के राजपूत परिवार में जन्मे कृपाल सिंह शेखावत ने ब्लू पॉटरी के बर्तनों के जनक के रुप में देश ही नहीं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि पाई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!