
दैनिक राजस्थान समाचार न्यूज संवाददाता प्रदीप कुमार शर्मा गढटकनेत -अजीतगढ़। नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित 25राष्ट्रों के नागरिकों के वैश्विक शांति एवं समरसता सम्मेलन में समाजसेवा,शिक्षा और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए हरमाड़ा घाटी व्यापार मंडल के अध्यक्ष और समाजसेवी बंशीधर रुण्डला को विशेष सम्मान से नवाजा गया। सम्मान समारोह में नेपाल के प्रथम उपराष्ट्रपति न्यायमूर्ति परमानन्द झा, पूर्व प्रधानमंत्री राजेन्द्र महतो, ग्लोबल कुलपति डॉ हुकुमचंद गणेशिया, नेपाल के प्रथम उपराष्ट्रपति के विशिष्ट सलाहकार डॉ कुलदीप प्रसाद शर्मा, नेपाल की उपसभामुख एवं समाजसेविका इंदिरा राना मगर, पूर्व नेपाल -टोक्यो राजनायक सहित अनेक अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शिव शक्ति साधना केंद्र के संस्थापक गुरु महाराज शिव शक्ति बाबा के सान्निध्य में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। सीकर जिले की श्रीमाधोपुर तहसील की ग्राम पंचायत गढ़टकनेत की ढ़ाणी डेरावाली-कुकाड़ी जोहड़ी के मूल निवासी एवं वर्तमान निवासी गणपति ग्रीन कॉलोनी, हरमाड़ा घाटी,नींदड,सीकर रोड़ , जयपुर रुण्डला ग्रुप के चेयरमैन बंशीधर रुण्डला की प्रारंभिक शिक्षा -दीक्षा गांव गढ़टकनेत में हुई। पिता साधुराम रुण्डला आज भी गांव में खेती-बाड़ी का काम सम्हालते हैं एवं पूरे काश्तकार हैं। बंशीधर रुण्डला ने सम्मानित होने के बाद अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल मेरी अकेले की नहीं है, बल्कि उन सभी गुरुजनों, परिवारजनों और शुभचिंतकों की है, जिन्होंने हर कदम पर मेरा मार्गदर्शन किया और मेरा हौंसला बढ़ाया।यह एशिया कॉन्टिनेंट अवॉर्ड अभिनंदन -पत्र समारोह मुझे यह विश्वास दिलाता है कि ईमानदारी, निरंतर प्रयास और सेवा-भाव से किया गया कार्य अवश्य पहचाना जाता है। मैं इस सम्मान के लिए सभी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं और संकल्प लेता हूं कि भविष्य में भी समाज और शिक्षा के क्षेत्र में पूरे समर्पण के साथ कार्य करता रहूंगा। अपने परिश्रम ,समाजसेवा और शैक्षणिक प्रगति के लिए सम्मान प्राप्त होना मेरे लिए अत्यंत गर्व और कृतज्ञता का विषय है । विदित रहे कि यह सम्मान समारोह 28व29दिसम्बर,2025को नेपाल की राजधानी काठमांडू में इंडो -नेपाल समरसता ऑर्गेनाइजेशन द्वारा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत-रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती समापन समारोह के अवसर पर आयोजित किया गया है।मंच द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार बंशीधर रुण्डला को कर्मस्थली से लेकर समाजसेवा और विकास कार्यों में किए गए उनके उल्लेखनीय योगदान के आधार पर एशिया की 51प्रतिभाओं में स्थान दिया गया था। रुण्डला के सम्मानित होने का समाचार ज्यों ही उनके गांव गढ़टकनेत में पंहुचा, लोग-बाग खुशी से झूम उठे। अपने लाड़ले की स्वर्णिम उपलब्धि पर गांव ही क्या पूरा क्षेत्र अपने आपको गौरवान्वित महसूस करने लगा है। राजनैतिक, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने रुण्डला को जी-भरके शुभकामनाएं, बधाईयां, धन्यवाद और सद्भावनाएं लुटाई हैं।



