
दैनिक राजस्थान समाचार संवाददाता तरनदीप सिंह। आज दिनांक 9 जनवरी 2026 को राजकीय उप जिला चिकित्सालय, बिजयनगर में सीपीआर एवं फर्स्ट एड (प्राथमिक चिकित्सा) विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में विशेष आमंत्रित प्रशिक्षकों के रूप में डॉ. कल्पना अग्रवाल एवं डॉ. मेधा अग्रवाल उपस्थित रहीं। साथ ही संस्थान के निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. संदीप अग्रवाल, डॉ. महेंद्र सूद, डॉ. अनन्त कोटिया एवं डॉ. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा द्वारा चिकित्सालय के समस्त स्टाफ, चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों, लैब स्टाफ तथा एम्बुलेंस कर्मियों को सीपीआर संबंधी विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. कल्पना अग्रवाल ने सीपीआर की प्रक्रिया को व्यावहारिक रूप से समझाते हुए बताया कि आपात स्थिति में यदि किसी व्यक्ति की धड़कन एवं सांस रुक जाए तो तत्काल सीपीआर देने से उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सीपीआर की जानकारी केवल चिकित्साकर्मियों ही नहीं, बल्कि आमजन के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
डॉ. संदीप अग्रवाल ने जानकारी दी कि गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों, आईसीयू में भर्ती रोगियों, गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के मामलों में सीपीआर अत्यंत लाभकारी सिद्ध होती है और जीवन रक्षक भूमिका निभाती है।
वहीं डॉ. महेंद्र सूद ने सीपीआर के साथ-साथ प्राथमिक उपचार एवं आपातकालीन चिकित्सा प्रक्रियाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इमरजेंसी की स्थिति में चिकित्सालय, घर अथवा बाहर कहीं भी प्राथमिक चिकित्सा के रूप में क्या कदम उठाए जा सकते हैं, जिससे मरीज को तात्कालिक लाभ मिल सके और उसकी जान बचाई जा सके।
कार्यक्रम के अंत में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविन्द कुमार उदय ने सभी प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए इस प्रकार के प्रशिक्षण को समय की आवश्यकता बताया।



