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जिन पर हो गुरूओं की कृपा सहजता से होते उनके काम, जीवदया ओर मानव सेवा का सदा रखे भाव पूज्य मुकेशमुनिजी म.सा. के सानिध्य में मनाई गई पूज्य इन्दुप्रभाजी म.सा. की 46वीं दीक्षा जयंति

दैनिक राजस्थान समाचार (पंकज बाफना)माधवनगर(सांगली),17 दिसम्बर। गुरू श्री रूप रजत गौशाला माधवनगर में रविवार को उस समय चतुर्विद संघ का समागम हो गया जब वहां आयोजित भव्य कार्यक्रम में पूज्य दादा गुरूदेव मरूधर केसरी मिश्रीमलजी म.सा., लोकमान्य संत, शेरे राजस्थान, वरिष्ठ प्रवर्तक पूज्य गुरूदेव श्रीरूपचंदजी म.सा. के शिष्य, मरूधरा भूषण, शासन गौरव, प्रवर्तक पूज्य गुरूदेव श्री सुकन मुनिजी म.सा. के आज्ञानुवर्ती युवा तपस्वी श्री मुकेश मुनिजी म.सा. आदि ठाणा 4 एवं मरूधरा मणि पूज्य सद्गुरूवर्या महासाध्वी जैनमतिजी म.सा. की सुशिष्या सरलमना जिनशासन प्रभाविका वात्सल्यमूर्ति इन्दुप्रभाजी म.सा. आदि ठाणा 5 का सानिध्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर गुणानुवाद करते हुए महासाध्वी इन्दुप्रभाजी म.सा. की 46वीं दीक्षा जयंति भी मनाई गई। समारोह में युवा तपस्वी मुकेशमुनिजी म.सा. ने गुरू भक्त बेदमुथा परिवार की सेवाओं की सराहना करते हुए बताया कि लोकमान्य संत, शेरे राजस्थान, वरिष्ठ प्रवर्तक पूज्य गुरूदेव श्रीरूपचंदजी म.सा. ने हीरक जयंति के उपलक्ष्य में 18 अप्रेल 2018 को आयोजित कार्यक्रम में सुभाषचन्द्रजी चंपालालजी बेदमुथा द्वारा इस गौशाला स्थापना की घोषणा की थी। बेदमुथा परिवार ने गुरू आज्ञा शिरोधार्य करते हुए जीवदया व सेवा की भावना के साथ इस गौशाला का निर्माण पूर्ण कराया। उन्होंने महासाध्वी इन्दुप्रभाजी म.सा. की दीक्षा जयंति पर उनके प्रति हार्दिक मंगलभावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि सहजता व सरलता की धनी होेने के साथ वह जिनशासन के लिए प्रेरणादायी सेवाएं प्रदान कर रहे है। सेवारत्न श्री हरीशमुनिजी म.सा. ने कहा कि परोपकार एवं दया के भाव हुए बिना जीवों की रक्षा नहीं हो सकती। बेदमुथा परिवार ने इस गौशाला का निर्माण कर जीव दया का अनुकरणीय कार्य किया है। उन्होंने पूज्य महासाध्वी इन्दुप्रभाजी म.सा. की दीक्षा जयंति पर मंगलभाव व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जीवन विभिन्न गुणों से युक्त होकर सहजता व सरलता की मिसाल है। रोचक व्याख्यानी प्रबुद्ध चिन्तिका डॉ.दर्शनप्रभाजी म.सा. ने कहा कि जिनको जीवन में मरूधर केसरी मिश्रीमलजी म.सा. एवं लोकमान्य प्रवर्तक रूपचंदजी म.सा. जैसे संतों का आशीर्वाद मिल गया उनका जीवन संवर गया। उन गुरूओं की प्रेरणा से ही इस तरह की गौशालाओं का निर्माण हो पाया। उन्होंने वात्सल्यमूर्ति इन्दुप्रभाजी म.सा. के प्रति मंगल भाव व्यक्त करते हुए कहा कि हम सभी साध्वियां उनका सानिध्य पाकर अपना संयम जीवन संवारने का प्रयास कर रही है। उनकी जैसी गुरूणी जिसे मिल जाए उसका जीवन बदल जाता है ओर वह जिनशासन की सेवा से जुड़ जाता है। कार्यक्रम में प्रज्ञारत्न श्री हितेशमुनिजी म.सा. एवं प्रार्थनार्थी सचिनमुनिजी म.सा. ने भी पूज्य इन्दुप्रभाजी म.सा. के प्रति मंगल भाव व्यक्त करते मानव सेवा एवं जीवदया के लिए समर्पित भाव से कार्य करते रहने की प्रेरणा प्रदान की। तत्वचिंतिका आगमरसिका डॉ. समीक्षाप्रभाजी म.सा. ने भी पूज्य गुरूणी मैया की दीक्षा जयंति पर मंगल भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनका आशीर्वाद ही हमे धर्म की सेवा करने की प्रेरणा देता है। सेवाभावी दीप्तिप्रभाजी म.सा. एवं विद्याभिलाषी हिरलप्रभाजी म.सा. ने प्रेरक भजनों की प्रस्तुति दी।

बेदमुथा परिवार ने इन्दुप्रभाजी म.सा. को समर्पित की आदर की चादर

कार्यक्रम में वात्सल्यमूर्ति महासाध्वी इन्दुप्रभाजी म.सा. के 46वें दीक्षा दिवस के अवसर पर सुभाषचन्द राजेन्द्रकुमार मेघराज बेदमुथा परिवार की ओर से उन्हें आदर की चादर समर्पित की गई। परिवार की महिला सदस्यों ने आदर की चादर ओढ़ाई। इस दौरान पांडाल हर्ष हर्ष के जयकारो से गूंज उठा। कार्यक्रम में सुश्रावक भामाशाह सुभाषचन्द बेदमुथा ने घोषणा की कि श्री रूप रजत गौशाला माधवनगर में शीघ्र ही भोजनशाला शुरू की जाएगी जिसमें शाम को गरीब व्यक्ति भोजन कर सकेंगे। कार्यक्रम में इचलकरण से श्रीसंघ भी पहुंचा था। श्रीसंघ के अध्यक्ष रमेश खिंवेसरा, पूर्व महामंत्री महावीरचंद बोरुन्दिया ने भी विचार व्यक्त किए। श्रीसंघ लाने में आनंद युवा मंच इचलकरणजी का भी सहयोग रहा। जैन कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जीवन पुनामिया भी मौजूद थे।

सुभाषचन्द बेदमुथा समाज भूषण की पदवी से अलंकृत

कार्यक्रम में युवा तपस्वी मुकेश मुनि म.सा. ने परम गुरू भक्त दानवीर भामाशाह सुभाषचन्द बेदमुथा की मानव सेवा व जीव दया कार्यो की सराहना करते हुए उन्हें समाज भूषण की पदवी से अलंकृत करने की घोषणा की। कार्यक्रम में विभिन्न स्थानों से श्रावक श्राविकाएं पहुंचे थे। सभी आगुन्तकों का बेदमुथा परिवार की ओर से स्वागत किया गया। बेदमुथा परिवार की श्राविकाओं ने स्वागत गीत की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम समापन पर बेदमुथा परिवार की ओर से गौतम प्रसादी का आयोजन भी किया गया।

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