दैनिक राजस्थान समाचार प्रदेश मीडिया प्रभारी उमाशंकर लोकनाथका सीकर राजस्थान में पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के 12 नए स्टेशनों की कनेक्टिविटी के लिए करीब 112 करोड़ की लागत से सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। अब तक किशनगढ़, मारवाड़ जंक्शन, केशवगंज और बनास स्टेशनों तक सड़क का काम पूरा हो चुका है। शेष आठ स्टेशनों- श्रीमाधोपुर, सराधना, हरिपुर, चंडावल, जवाली, बिरोलिया, साखून और स्वरूपगंज को जोड़ने के लिए निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं के पूर्ण होते ही औद्योगिक इकाइयों को कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के परिवहन में उल्लेखनीय सुविधा मिलेगी तथा लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी।
यहां पर चल रहा भूमि अधिग्रहण का काम
फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ी अन्य प्रमुख निर्माण परियोजनाओं में बधाल डीएफसीसी टर्मिनल को राष्ट्रीय राजमार्ग-52 से जोड़ने का कार्य शामिल है, जिस पर 95 करोड़ रुपए की लागत से काम शुरू किया जा चुका है। इसके अलावा मुख्य जिला सड़क-81 पर बागावास बाईपास निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जहां भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया अंतिम चरण में है। मंडा रीको औद्योगिक क्षेत्र को लालासर से जोड़ने के लिए 9 करोड़ रुपये की परियोजना भी प्रगति पर है।
WDFC का 564 किमी हिस्सा राजस्थान में
उल्लेखनीय है कि 1504 किलोमीटर लंबे पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का लगभग 564 किलोमीटर हिस्सा राजस्थान से होकर गुजरता है, जहां 18 नए फ्रेट स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। पहले सड़क सुविधा से वंचित रहे 12 स्टेशनों को अब ऑल-वेदर सड़कों से जोड़ने का निर्माण कार्य प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देने वाला साबित हो रहा है।



