
दैनिक राजस्थान समाचार नागपाल शर्मा माचाड़ी अलवर। अलवर जलदाय विभाग के कर्मचारियों को मिलने वाली राशि के दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं। संपूर्ण संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद शहर में पाइपलाइन लीकेज की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोगों की बार-बार शिकायतों के बाद भी विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जा रही है।
शहर में ठेकेदारों द्वारा घटिया और हल्की क्वालिटी के पाइप डाले जाने का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। पानी का दाब बढ़ते ही पाइप फट जाते हैं, जिससे हजारों लीटर स्वच्छ पेयजल सड़कों पर बहकर व्यर्थ चला जाता है। यह स्थिति शहर के कई इलाकों में लगातार देखने को मिल रही है।
ऐसा ही एक गंभीर मामला काली मोरी क्षेत्र में सामने आया है। काली मोरी से पॉलिटेक्निक की ओर जाने वाले मार्ग पर पिछले करीब आठ महीनों से पाइपलाइन लीकेज की समस्या बनी हुई है। स्थानीय निवासियों ने कई बार जलदाय विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी केवल औपचारिकताओं तक सीमित रह गए हैं। कार्यालयों में बैठकर बैठकों और चर्चाओं में समय बिताया जा रहा है,जबकि ज़मीनी स्तर पर आवश्यक कार्यों की अनदेखी हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्यवाही नहीं की गई तो जल संकट और भी गंभीर रूप ले सकता है।
नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो और पेयजल की बर्बादी रोकी जा सके।




