
दैनिक राजस्थान समाचार संवाददाता प्रदीप कुमार शर्मा, गढ़टकनेत–अजीतगढ़। जयपुर के हरमाड़ा क्षेत्र में हुए दर्दनाक डंपर हादसे में अजीतगढ़ पंचायत समिति की ग्राम पंचायत हथौरा के गांव सीपुर निवासी एक ही परिवार के चार सदस्यों की मृत्यु के बाद अब मानवता का बड़ा उदाहरण सामने आया है। गुरुवार को अजाक (अम्बेडकर अनुसूचित जाति अधिकारी-कर्मचारी एसोसिएशन) संस्था ने हादसे में अनाथ हुए दशरथ और महेंद्र बुनकर के तीनों बच्चों को गोद लेकर उनकी शिक्षा-दीक्षा और देखभाल का सम्पूर्ण खर्च उठाने की घोषणा की।
संस्था के संरक्षक एवं पूर्व आईजी सतवीर सिंह ने पीड़ित परिवार के बच्चों को औपचारिक रूप से गोद लिया और कहा कि बच्चों का भविष्य अंधकार में नहीं जाने दिया जाएगा। इस कदम से क्षेत्र में सामाजिक जिम्मेदारी और इंसानियत की मिसाल कायम हुई है।
गुरुवार को सीपुर गांव में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मानवतावादी विश्व सेवा परिषद संस्थान राजस्थान के प्रदेश संयोजक पूरणमल गोठवाल झाड़ली, अजाक संस्था के सदस्य तथा कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यहां चारों मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया गया।
अजाक संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि संगठन बच्चों को हर संभव सहायता प्रदान करेगा और उनके भविष्य को सुरक्षित करना ही संस्था का उद्देश्य रहेगा।
कार्यक्रम में पूर्व आईजी सतवीर सिंह, एडवोकेट चेतराम रायपुरिया, महेंद्र कुमार आनंद, सेवानिवृत्त बीएसएनएल सुरजमल, अजाक महासचिव पूरण वेरी, प्रधानाचार्य बाबूलाल बुनकर, सेवानिवृत्त पीएमओ डॉ. ओ. पी. वर्मा, सेवानिवृत्त जलदाय विभाग पूरणचंद रैय्या, एसबीआई मैनेजर सीताराम बुनकर, समाजसेवी पूरणमल गोठवाल, नरेंद्र वर्मा, सीताराम रायपुरिया, मुकेश वर्मा, अक्षय नैनावत, नागरमल किशोरपुरा, मोहनलाल बुनकर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।




