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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महोदय से अपील है कि गौ हत्या पाप से बचें। और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करें- गौ पुत्र धर्म दास महाराज

दैनिक राजस्थान समाचार नागपाल शर्मा माचाड़ी। माचाड़ी- बृजवासी गौ रक्षक सेना भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपुत्र संत धर्मदास महाराज ने बताया कि इतिहास गवाह रहा है जिसने गौ वंश की रक्षा नहीं की है उसका क्या हाल हुआ है जैसे *आंदोलन*: स्वामी करपात्री जी महाराज ने गो-हत्या पर प्रतिबंध के लिए एक कानून की मांग करते हुए लाखों साधुओं और गोरक्षकों के साथ शांत प्रिय संसद का घेराव किया था!
*हिंसा और फायरिंग*: संत धर्मदास ने बताया कि आंदोलन शांत प्रिय किया गया लेकिन आंदोलन हिंसक हो गया और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियाँ चला दीं, जिससे कई साधुओं की मौत हो गई।
*श्राप*: इस घटना से दुखी होकर, करपात्री जी महाराज ने इंदिरा गांधी को श्राप दिया कि जिस तरह उन्होंने संतों पर गोलियाँ चलवाईं, उसी तरह उनके वंश का भी नाश होगा और यह सब गोपाष्टमी के दिन होगा!
*परिणाम और विवाद*:
मृतकों की संख्या: आधिकारिक रिकॉर्ड ०8-10 मौतों का संकेत देते हैं, लेकिन आंदोलनकारियों का दावा है कि सैकड़ों मारे गए थे और शवों को जल्दी से निपटा दिया गया था, जिससे आक्रोश बढ़ गया!
*श्राप की सच्चाई* (कथित): 31 अक्टूबर 1984 (गोपाष्टमी) को इंदिरा गांधी की हत्या हुई, जिससे करपात्री जी के श्राप की बात को बल मिला और यह घटना भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण और विवादास्पद मोड़ बन गई!
*संक्षेप* में, स्वामी करपात्री जी के नेतृत्व में 1966 के गो-रक्षा आंदोलन के दौरान हुई फायरिंग और उसके बाद दिए गए कथित श्राप ने इंदिरा गांधी और उनके परिवार के साथ जो हुआ, उसे जोड़कर देखा जाता है, हालांकि फायरिंग में मारे गए लोगों की संख्या और घटना की भयावहता पर अलग-अलग दावे किए जाते हैं।
ऐसे अनगिनत आंदोलन अब तक हिंदुस्तान में हो चुके हैं। लेकिन परिणाम शून्य है।
मैं मूर्ख गौ सेवक सिर्फ इतना जानता हूं कि ऐसे आंदोलन का शायद सनातन या हिंदुत्व के नाम परसत्ताधारियों को फायदा पहुंचाना ही एकमात्र मकसद होता है।
यदि यही वोट NOTA के माध्यम से सनातन या हिंदुत्व नाम पर सत्ता में आकर नोट कमाने वाली राजनीतिक दलके खिलाफ चले जाती तो मजबूर होकर सियासी पार्टी गौ रक्षा के लिए संविधान के शासन को यह मजबूर हो जाते हैं। तथा ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के सभी कार्यकर्ताओं और भारतवासियों की तरफ से अपील है कि भारत सरकार और केन्द्र सरकार व राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों से की गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाये तथा गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करें।

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