
दैनिक राजस्थान समाचार न्यूज संवाददाता प्रदीप कुमार शर्मा, गढ़टकनेत (अजीतगढ़)। ब्रह्मलीन परम महंत श्री रामदास महाराज की तपोस्थली आसपुरा धूणी धाम में उनके कृपापात्र शिष्य महंत गोपालदास महाराज एवं अधिकारी महंत हरिदास महाराज के सान्निध्य में विशाल अष्टोत्तरशत (108) कुण्डात्मक श्री गोपाल महायज्ञ का शुभारंभ रविवार, 9 नवम्बर 2025 से होने जा रहा है। यह महायज्ञ 17 नवम्बर सोमवार तक चलेगा, जिसमें नौ दिनों तक दिव्य एवं आध्यात्मिक वातावरण रहेगा।
कार्यक्रम के तहत 9 नवम्बर को प्रातः दशविध स्नान, प्रायश्चित हवन, कलश यात्रा और मण्डप प्रवेश के भव्य आयोजन होंगे। आसपुरा ग्राम पंचायत स्थित धूणी धाम तक 2100 महिलाएं मंगल कलश लेकर बैंड-बाजे और धार्मिक धुनों पर शोभायात्रा में सहभागी बनेंगी। कलश यात्रा में घोड़े, हाथी, बग्घी, रथ और भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों की जीवंत झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। ड्रोन द्वारा पुष्पवर्षा का मनोहारी दृश्य भी देखने को मिलेगा।
10 नवम्बर से 16 नवम्बर तक प्रतिदिन नित्य देव पूजा और स्वाहाकार यज्ञ संपन्न होगा। 16 नवम्बर रविवार को संत-महात्माओं की विदाई एवं भंडारा प्रसादी का आयोजन किया जाएगा।
17 नवम्बर सोमवार को प्रातः देव पूजा, उत्तर पूजा, बलि पूजा के पश्चात दोपहर 12:15 बजे पूर्णाहुति दी जाएगी। इसके बाद विशाल भंडारा एवं पंगत प्रसादी का आयोजन होगा, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे।
यज्ञाचार्य पं. चिरंजीव शास्त्री ने बताया कि 108 कुण्डों पर प्रतिदिन 251 श्रद्धालु आहुतियां देंगे। नौ दिनों तक अखंड भंडारे का आयोजन रहेगा, जिसमें आसपास के गांवों और ढ़ाणियों से प्रतिदिन 20 से 25 हजार श्रद्धालु पधारेंगे।


