
दैनिक राजस्थान समाचार नागपाल शर्मा जयपुर। जयपुर जिले के शाहपुरा कस्बा निवासी बलदेव नैनावत के सुपुत्र मनिन्द्र नैनावत की ०2 नवम्बर को कोटपुतली बहरोड़ जिले के पावटा ब्लॉक के राजस्व गांव टोरडा गुजरान निवासी मामराज मुलोदिया की सुपुत्री रीना के साथ बिना नकदी व दहेज समान के ०1रूपए के नेकचार से शादी सम्पन्न हुई।
मामराज मुलोदिया की सुपुत्री एम.ए. बीएड तक शिक्षित है। तथा बलदेव नैनावत के सुपुत्र मनिंद्र नैनावत एक सामाजिक कार्यकर्ता है जो वर्तमान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं मनिंद्र नैनावत की पहल पर यह शादी बिना दहेज व बिना किसी जरूरत के सामान के ०1 रूपए के नेकचार से हुई जो समाज के लिए अनुकरणीय व प्रशंसनीय है।
वर पक्ष ने दहेज का एक भी आईटम नहीं लेने का प्रशंसनीय कार्य किया है! तथा समाज के विवाह की रश्म-रिवाज के अनुसार अवसरों पर भी केवल ०1 रूपए लिए हैं। बलाई समाज में आजकल विवाहों में भारी राशि का लेने-देने होता है! तथा दहेज में बहुत सामान भी लिया जाता है जिसका सुधार आवश्यक है।
लड़की ने कहा-धन्य हैं मेरे मां-पिता जिन्होंने मेरा रिश्ता संस्कारवान व सामाजिक प्रतिष्ठा रखने वाले व्यक्ति से किया है।
मामराज की सुपुत्री रीना ने कहा मुझे खुशी हैं कि मेरे माता पिता ने मेरी शादी सादगीपूर्ण कर समाज के लोगों के लिए भी एक उदाहरण दिया है। शादी लड़के-लड़की की पसंद के साथ हो मगर फिजूलखर्ची ना हो ऐसे पैसे समाज और शिक्षा के साथ ही जरूरतमंदों के काम में खर्च हो।
शादी के ०2 दिन पहले 31 अक्टूबर को भी दूल्हे मनिन्द्र नैनावत के लगन टिका समारोह में भी बहुजन महापुरुषों के छाया चित्र फोटो फ्रेम लगाकर एक अच्छा संदेश दिया गया और साथ ही हजारों की संख्या में दूर दराज से उनके मिलने वाले रिश्तेदारों और स्नेहीजनों मित्रो का आना जाना लगा रहा जो आज के समय में उनका सामाजिक और व्यवहार शील व्यक्तित्व का जीता जागता उदाहरण है।
मनिंद्र और रीना की शादी एक सामाजिक मिशाल का जीता जागता उदाहरण बनी ओर आज के युग में सामाजिक सुधार का प्रयास कर दूल्हे दुल्हन ने अच्छा संदेश दिया।
धन्य है वो माता-पिता जिन्होंने ऐसे बच्चों को अच्छे संस्कार और अच्छी शिक्षा देकर सामाजिक सुधार का संदेश देने के लिए प्रेरित किया।




