
दैनिक राजस्थान समाचार न्यूज संवाददाता प्रदीप कुमार शर्मा गढटकनेत -अजीतगढ़। अजीतगढ़ पंचायत समिति की ग्राम पंचायत सकराय के गांव सैदाला -भगवानपुरा में सम्पर्क सड़क निर्माण के महज 12घंटों में ही उखड़ गई। अजमेरी -नीमकाथाना मार्ग से 2.55किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 95लाख रुपये स्वीकृत हुए थे तथा 9सितम्बर ,2025 को विधिवत शिलान्यास करके निर्माण कार्य 9दिसम्बर,2025 को किया गया। सड़क निर्माण के हालत यह बने कि रोड़ महज 12घंटों में ही उखड़ गया ।सैदाला -भगवानपुरा के लोगों ने गांव की सम्पर्क सड़क के निर्माण के लिए विगत कई दिनों से काफी प्रयास किए और जनप्रतिनिधियों से मांग की तब यह स्वीकृति मिली थी।जिसके बाद हाल ही क्षेत्रीय विधायक एवं राजस्थान सरकार में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अजमेरी-नीमकाथाना सड़क मार्ग से सैदाला -भगवानपुरा गांव के लिए 2.55किलोमीटर सड़क निर्माण हेतु 9सितम्बर,2025 को शिलान्यास किया था। ग्रामीणों के अनुसार सम्बन्धित संवेदक ने नियमों को ताक में रखकर 9दिसम्बर,2025की रात को सड़क निर्माण कर दिया।जिसके महज 12घंटों पश्चात ही सड़क बिखर और उखड़ गई। लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण नियमों के मुताबिक जब किसी भी सड़क का नव निर्माण किया जाता है तो पीडब्ल्यूडी तकनीकी कनिष्ठ अभियंता या सहायक अभियंता को मौके पर रहकर नई सड़क का निर्माण किया जाना होता है , लेकिन ग्रामीणों ने बताया कि बिना किसी अधिकारी की मौजूदगी में निर्माण कर दिया गया। लोगों ने बताया कि 9दिसम्बर,2025को रातों -रात सड़क निर्माण कर दिया गया,जब सुबह -सुबह सड़क पर कुत्तों ने अपने पंजों से कुरेदना और खरोंचना शुरु किया तो सड़क ही उखड़ गई। ग्रामीणों ने इस घटिया निर्माण से अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया। कांग्रेस पीसीसी पूर्व सचिव बालेंदू सिंह शेखावत ने भी इस मुद्दे को लेकर वर्तमान सरकार के कार्यों की बेहद किरकिरी की। समाचार -पत्रों एवं सोशल मीडिया पर उखड़ी हुई सड़क की तस्वीरें शेयर की जाने लगी तब कहीं जाकर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के दिलों में भी खलबली मच गई ।आनन-फानन में पीडब्ल्यूडी अधिकारी सैदाला -भगवानपुरा सड़क को देखने पंहुचे तो उनकी भी आंखें चकाचौंध हो गई। अफसरों को उखड़ी सड़क की जांच में खामियां नजर आई और उन्होंने तुरंत ठेकेदार को नोटिस देकर दोबारा सड़क बनाने का निर्देश दिया। श्रीमाधोपुर पीडब्ल्यूडी के अधिकारी एक्सईएन मंगलचंद वर्मा,एईएन विशाल चौधरी , जेईएन और सड़क बनाने वाले ठेकेदार को मौके पर बुलाकर अधिकारियों ने सड़क की गुणवत्ता जांची। अधिकारियों ने माना कि सड़क में घटिया सामग्री का उपयोग हुआ है। अधिकारियों ने ठेकेदार को नोटिस देकर दोबारा से सड़क बनाने के निर्देश दिए और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सड़क सही गुणवत्ता में बनाई जाएगी। ग्रामीणों ने अधिकारियों से नाराज़गी जताई व सड़क को दोबारा से उखाड़कर एस्टीमेट के हिसाब से बनाने को कहा। ग्रामीणों ने मांग की कि इस सड़क की उच्च स्तरीय अधिकारियों के द्वारा जांच करवाई जाए और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। श्रीमाधोपुर पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों पर ग्रामीणों ने ठेकेदार से मिलीभगत कर घटिया निर्माण वाली सड़क बनाने का आरोप लगाया। सड़क में कई जगह पर घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। ठेकेदार को निर्देशित कर दिया गया है कि जहां से खराब सड़क बनाई गई है, वहां से सड़क को उखाड़ कर दोबारा बनवा दिया जाएगा।-विशाल चौधरी,एईएन, पीडब्ल्यूडी, श्रीमाधोपुर। ठेकेदार को तीन दिन का टाइम दिया गया है। मौके पर कई जगह खामियां मिलीं हैं। ठेकेदार को पाबंद कर दिया है, नोटिस भी दे दिया है व जयपुर से टीम को बुलाकर सड़क की गुणवत्ता की जांच करवाई जाएगी,यदि कोई कमी पाई जाती है तो ठेकेदार के ऊपर डीबार की कार्रवाई की जाएगी।-मंगलचंद वर्मा,एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, श्रीमाधोपुर।



