
दैनिक राजस्थान समाचार सोहनसिंह रावणा, तखतगढ़। नेहरू रोड पर झूल रही थ्री फेस लाइन की खबर प्रकाशित होने के तुरंत बाद बिजली विभाग हरकत में आया और विभागीय अधिकारी जे.एन. द्वारा लाइन को ऊपर करवाकर संभावित हादसे को टाल दिया गया। इससे आमजन को राहत मिली और यह भी सिद्ध हुआ कि जब प्रशासन चाहे तो कार्रवाई तत्काल सम्भव है।
परंतु खेद का विषय यह है कि नगर पालिका तथा पीडब्ल्यूडी विभाग वर्षो̃ से चल रही सड़क और नाली समस्याओं पर अब भी मौन हैं। नेहरू रोड की जर्जर स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। सड़क जगह-जगह धंस चुकी है, बड़े गड्ढे बन चुके हैं, नालियाँ उफान पर हैं और सेवा पखवाड़ा कैंप को समाप्त हुए एक महीना बीत जाने के बाद भी कोई ठोस व्यवस्था नहीं दिखाई देती।
तखतगढ़ चौराहा—नेशनल हाईवे से जुड़ने वाली सड़क पाँच वर्ष से पूरी तरह टूट चुकी
सुमेरपुर से तखतगढ़ आने वाला मुख्य मार्ग, जो नेशनल हाईवे से जुड़ता है, वर्षों से दुर्दशा का शिकार है।
पाँच वर्ष से अधिक समय से सड़क उखड़ी पड़ी है।बरसात का पानी भरने से पैदल चलना भी असम्भव हो जाता है।बड़े-बड़े गड्ढों से गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त हो रही हैं, आए दिन दुर्घटनाएँ हो रही हैं। नाश्ता, चाय, फास्ट फूड और मिठाई की दुकानों के सामने दिनभर धूल के गुबार उठते रहते हैं। पानी की पाइपलाइन लीकेज होने से सड़क पर कीचड़ व बदबू फैलती रहती है।
यह मार्ग पीडब्ल्यूडी के अधीन है, लेकिन विभाग की उदासीनता से स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। पाँच वर्ष में एक बार भी संपूर्ण मरम्मत कार्य नहीं हुआ। नगर पालिका ने कई बार अस्थायी रूप से मिट्टी डालकर सुधारने का प्रयास किया, पर मूल समस्या का समाधान पीडब्ल्यूडी की ओर से आज तक नहीं हुआ।
सबसे हैरानी की बात यह है कि यह पूरा क्षेत्र कैबिनेट मंत्री के गृह क्षेत्र में आता है, फिर भी सड़क की दुर्दशा को लेकर विभागों की आंख अब तक नहीं खुली।
नगर के मुख्य मार्ग भी बदहाल
चौराहे से गर्ल्स स्कूल, साईं लीला होटल से लेकर नेहरू रोड तक कई हिस्से वर्षों से खस्ताहाल हैं।
धूल, गंदगी, टूटी नालियाँ और उखड़ी सड़कें नगर की पहचान बन चुकी हैं।आमजन की पीड़ा शिकायत लेकर जाए तो किसके पास?
जनता जब नगर पालिका, अध्यक्ष या वार्ड पार्षद के पास जाती है, तो हर जगह एक ही उत्तर मिलता है—यह दूसरे विभाग का काम है।लोगों में निराशा बढ़ रही है और समाधान का कोई मार्ग नहीं दिख रहा।
जिम्मेदारी टालने से नहीं, काम करने से मिलेगी राहत
जनता ने अपने प्रतिनिधियों को काम के लिए चुना है।
सड़क, नाली, लीकेज और सफाई जैसी मूलभूत समस्याएँ वर्षों से लंबित हैं।
अतः पीडब्ल्यूडी, नगर पालिका तथा संबंधित विभागों को तत्काल सक्रिय होकर संयुक्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि तखतगढ़ के नागरिकों को वास्तविक राहत मिल सके।




